प्रुरिटस (खुजली)
प्रुरिटस (खुजली)
गुदा और आंतों के द्वार पर तेज खुजली होना। मरीज आराम पाने के लिए गुदा में उंगली डालता है और वहां उंगली घुमाने में उसे अच्छा लगता है। - एलो सॉक (Aloe soc.)
बिस्तर की गर्मी से पूरे शरीर में बहुत तेज खुजली होना। इतनी खुजली होती है कि खून निकल आता है और फिर दर्द शुरू हो जाता है। उंगलियों की त्वचा सख्त और भंगुर (brittle) हो जाती है। - एल्युमिना (Alumina)
अंडकोष और जननांगों में उत्तेजक खुजली, साथ ही दर्द और सूजन। अंगों में सुन्नपन होता है, लेकिन अंदर जलन महसूस होती है। मूत्र मार्ग में खुजली। - एम्ब्रा ग्रिसिया (Ambra grisea)
जांघों के जोड़ (groin) वाले हिस्से में सूजन महसूस होना। गर्भावस्था के दौरान खुजली। - बोरेक्स (Borax)
गर्भावस्था के दौरान योनि (vagina) में खुजली। - कैलेडियम सेग (Caladium seg.)
महिलाओं के जननांगों में खुजली। योनि और वल्वा (बाहरी जननांग) में सूजन महसूस होना। - कोल्चिकम ऑटम (Colchicum autumn)
जननांगों में दर्द, सूजन और गहरा लाल रंग। मासिक धर्म (periods) के बाद खुजली कम हो जाती है। योनि और वल्वा में सूजन। - कोलिंसोनिया (Collinsonia)
मुंह और योनि में बहुत बेचैनी पैदा करने वाली खुजली। - हेलोनियस (Helonius)
तेज खुजली के साथ रूसी (dandruff) जैसी पपड़ी बनना। - मेडोरिनम 1000 (Medorinum 1000)
गुदा की गंभीर खुजली के लिए, 30 पोटेंसी की एक खुराक रोज लें। - रेडियम ब्रोमाइड (Radium bromide)
योनि में पपड़ी बनना और पीले रंग का स्राव (discharge) होना। - सीपिया (Sepia)
बिस्तर की गर्मी के कारण पपड़ी बनना और पेशाब करते समय जलन होना। खुजली के दौरान प्रभावित हिस्से से खून निकलना। - सल्फर (Sulphur)
योनि का सूखा और गर्म होना, जिसमें बहुत तेज खुजली होती है। - टारेंटुला (Tarantula)
नोट 1: ऐसे मरीजों को रोज नहाना चाहिए, लेकिन पानी के तापमान में अचानक बहुत ज्यादा बदलाव नहीं होना चाहिए। दवा वाले साबुन या मलहम (ointments) का इस्तेमाल न करें। जरूरत पड़ने पर नहाने के लिए ग्लिसरीन साबुन का इस्तेमाल किया जा सकता है और प्रभावित हिस्से पर नारियल का तेल हल्के हाथों से लगाया जा सकता है, लेकिन रगड़ना नहीं चाहिए।
नोट 2: गुदा के आसपास खुजली की वजह कीड़े (worms), बवासीर (hemorrhoids), या ठीक से सफाई न होने के कारण साबुन का जमा होना हो सकता है। महिलाओं के बाहरी जननांगों में खुजली अक्सर डायबिटीज (diabetes mellitus), वैजिनाइटिस (vaginitis - योनि में सूजन), या संभोग (intercourse) के बाद ठीक से सफाई न करने का शुरुआती लक्षण हो सकती है।
गुदा और आंतों के द्वार पर तेज खुजली होना। मरीज आराम पाने के लिए गुदा में उंगली डालता है और वहां उंगली घुमाने में उसे अच्छा लगता है। - एलो सॉक (Aloe soc.)
बिस्तर की गर्मी से पूरे शरीर में बहुत तेज खुजली होना। इतनी खुजली होती है कि खून निकल आता है और फिर दर्द शुरू हो जाता है। उंगलियों की त्वचा सख्त और भंगुर (brittle) हो जाती है। - एल्युमिना (Alumina)
अंडकोष और जननांगों में उत्तेजक खुजली, साथ ही दर्द और सूजन। अंगों में सुन्नपन होता है, लेकिन अंदर जलन महसूस होती है। मूत्र मार्ग में खुजली। - एम्ब्रा ग्रिसिया (Ambra grisea)
जांघों के जोड़ (groin) वाले हिस्से में सूजन महसूस होना। गर्भावस्था के दौरान खुजली। - बोरेक्स (Borax)
गर्भावस्था के दौरान योनि (vagina) में खुजली। - कैलेडियम सेग (Caladium seg.)
महिलाओं के जननांगों में खुजली। योनि और वल्वा (बाहरी जननांग) में सूजन महसूस होना। - कोल्चिकम ऑटम (Colchicum autumn)
जननांगों में दर्द, सूजन और गहरा लाल रंग। मासिक धर्म (periods) के बाद खुजली कम हो जाती है। योनि और वल्वा में सूजन। - कोलिंसोनिया (Collinsonia)
मुंह और योनि में बहुत बेचैनी पैदा करने वाली खुजली। - हेलोनियस (Helonius)
तेज खुजली के साथ रूसी (dandruff) जैसी पपड़ी बनना। - मेडोरिनम 1000 (Medorinum 1000)
गुदा की गंभीर खुजली के लिए, 30 पोटेंसी की एक खुराक रोज लें। - रेडियम ब्रोमाइड (Radium bromide)
योनि में पपड़ी बनना और पीले रंग का स्राव (discharge) होना। - सीपिया (Sepia)
बिस्तर की गर्मी के कारण पपड़ी बनना और पेशाब करते समय जलन होना। खुजली के दौरान प्रभावित हिस्से से खून निकलना। - सल्फर (Sulphur)
योनि का सूखा और गर्म होना, जिसमें बहुत तेज खुजली होती है। - टारेंटुला (Tarantula)
नोट 1: ऐसे मरीजों को रोज नहाना चाहिए, लेकिन पानी के तापमान में अचानक बहुत ज्यादा बदलाव नहीं होना चाहिए। दवा वाले साबुन या मलहम (ointments) का इस्तेमाल न करें। जरूरत पड़ने पर नहाने के लिए ग्लिसरीन साबुन का इस्तेमाल किया जा सकता है और प्रभावित हिस्से पर नारियल का तेल हल्के हाथों से लगाया जा सकता है, लेकिन रगड़ना नहीं चाहिए।
नोट 2: गुदा के आसपास खुजली की वजह कीड़े (worms), बवासीर (hemorrhoids), या ठीक से सफाई न होने के कारण साबुन का जमा होना हो सकता है। महिलाओं के बाहरी जननांगों में खुजली अक्सर डायबिटीज (diabetes mellitus), वैजिनाइटिस (vaginitis - योनि में सूजन), या संभोग (intercourse) के बाद ठीक से सफाई न करने का शुरुआती लक्षण हो सकती है।