गंध (महक)
गंध (महक)
: फूलों की महक के प्रति बहुत संवेदनशील। - एलियम सेपा (Allium cepa)
- हवा में बदबू या किसी तरह की गंध। - एंथ्रासिनम (Anthracinum)
(एक कप पानी में 5-10 बूंदें)
: खांसी के दौरान गले से सल्फर (गंधक) जैसी गंध आना। - आर्सेनिकम एल्बम (Arsenicum album)
नाक साफ करने पर हर चीज से सड़ी हुई या खराब गंध आना। - ऑरम मेटालिकम (Aurum metallicum)
: सड़े हुए अंडों या गैस जैसी गंध महसूस होना। गंध के प्रति बहुत अधिक संवेदनशील; हल्की सी गंध भी बर्दाश्त नहीं होती। - बेलाडोना (Belladonna)
कांख (बगल) के पसीने से प्याज जैसी गंध आना। - बोविस्टा (Bovista)
पैरों के पसीने से बदबू आना। - कैल्केरिया कार्ब (Calcarea carb.)
: खाना पकने की महक, खासकर मछली की महक से जी मिचलाना, उल्टी आना, या बेहोश हो जाना। - कोल्चिकम ऑटमनेल (Colchicum autumnal)
: पसीने से पेशाब जैसी गंध आना। - कोलोसिन्थिस (Colocynthis)
मल (विष्ठा) जैसी गंध महसूस होना। - क्रोटन टिग (Croton tig)
पूरे शरीर से कोई अप्रिय या बहुत खराब गंध आना। - गुआइकम ऑफिसिनेल (Guaiacum officinal)
: मुंह से बहुत खराब गंध आना, खासकर बुखार के दौरान। - हेलेबोरस (Helleborus)
मुंह से बदबू आना। - कालियम फॉस (Kalium phos)
: मुंह से बदबू आना, खासकर मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) के दौरान। - लैकेसिस (Lachesis)
इन्फ्लूएंजा के बाद सूंघने और स्वाद लेने की क्षमता खत्म हो जाना। - मैग्नीशियम म्यूर (Magnesium mur)
मुंह से बदबू, कांख (बगल) से बदबू और शरीर से निकलने वाले स्राव (डिस्चार्ज) से बदबू आना। - मरक्यूरियस सोल (Mercurius sol)
शरीर से बदबू आना, खराब गंध वाला स्राव (डिस्चार्ज) होना। पेशाब से घोड़े के पेशाब जैसी गंध आना। - नाइट्रिक एसिडम (Nitric acidum)
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: खाना खाने के बाद मुंह से बदबू आना। फिनाइल, पेट्रोल आदि जैसी तेज गंध बर्दाश्त न कर पाना। - नक्स वोमिका (Nux vomica)
: पसीने से लहसुन जैसी गंध आना। तेज गंध के कारण खांसी आना। - फॉस्फोरस (Phosphorus)
नाक में प्याज, धुएं आदि जैसी गंध महसूस होना। (सही दवा चुनने के लिए अन्य लक्षणों पर भी ध्यान दें।) - फॉस्फोरस (Phosphorus), कोरेलियम रूब्रम (Corallium rubrum)
इस दवा की एक बहुत ही दुर्लभ और खास विशेषता यह है कि मरीज के शरीर से निकलने वाले स्राव (डिस्चार्ज) से बहुत तेज बदबू आती है। यह बदबू पूरे घर में फैल सकती है। किसी भी बीमारी में, मरीज को बीमारी का दौरा पड़ने से ठीक पहले असामान्य रूप से अच्छा महसूस होता है। - सोरिनम
सांस से बहुत दुर्गंध आना। मुंह का स्वाद बहुत खराब होना। पूरे शरीर, सांस, पसीने और सभी स्रावों से सड़ी हुई गंध आना। - पाइरोजेनियम 200, एक सप्ताह बाद पुनः उपयोग करें
: सभी गंधों के प्रति संवेदनशील। - सबाडिला
: त्वचा से सड़ी हुई मछली जैसी गंध आना। - सैनिकुला एक्वा
: पैरों से दुर्गंधयुक्त पसीना आना। - सिलिका
: पके हुए भोजन की गंध से उल्टी आना। - स्टैनम मेट.
: गंध के प्रति अति संवेदनशील। सभी स्राव दुर्गंधयुक्त होते हैं। - सल्फर,
: साफ-सफाई और स्नान के बावजूद शरीर से दुर्गंध आना। - सल्फर, सोरिनम
: शरीर से लहसुन जैसी दुर्गंध आना। - टेल्यूरियम मेट
: एलर्जी के कारण सर्दी होने पर सूंघने की क्षमता का कम हो जाना। - थूजा ऑक
: शरीर से दुर्गंध आना, सड़े हुए अंडे जैसी गंध आना। - विस्बाडेन
: फूलों की महक के प्रति बहुत संवेदनशील। - एलियम सेपा (Allium cepa)
- हवा में बदबू या किसी तरह की गंध। - एंथ्रासिनम (Anthracinum)
(एक कप पानी में 5-10 बूंदें)
: खांसी के दौरान गले से सल्फर (गंधक) जैसी गंध आना। - आर्सेनिकम एल्बम (Arsenicum album)
नाक साफ करने पर हर चीज से सड़ी हुई या खराब गंध आना। - ऑरम मेटालिकम (Aurum metallicum)
: सड़े हुए अंडों या गैस जैसी गंध महसूस होना। गंध के प्रति बहुत अधिक संवेदनशील; हल्की सी गंध भी बर्दाश्त नहीं होती। - बेलाडोना (Belladonna)
कांख (बगल) के पसीने से प्याज जैसी गंध आना। - बोविस्टा (Bovista)
पैरों के पसीने से बदबू आना। - कैल्केरिया कार्ब (Calcarea carb.)
: खाना पकने की महक, खासकर मछली की महक से जी मिचलाना, उल्टी आना, या बेहोश हो जाना। - कोल्चिकम ऑटमनेल (Colchicum autumnal)
: पसीने से पेशाब जैसी गंध आना। - कोलोसिन्थिस (Colocynthis)
मल (विष्ठा) जैसी गंध महसूस होना। - क्रोटन टिग (Croton tig)
पूरे शरीर से कोई अप्रिय या बहुत खराब गंध आना। - गुआइकम ऑफिसिनेल (Guaiacum officinal)
: मुंह से बहुत खराब गंध आना, खासकर बुखार के दौरान। - हेलेबोरस (Helleborus)
मुंह से बदबू आना। - कालियम फॉस (Kalium phos)
: मुंह से बदबू आना, खासकर मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) के दौरान। - लैकेसिस (Lachesis)
इन्फ्लूएंजा के बाद सूंघने और स्वाद लेने की क्षमता खत्म हो जाना। - मैग्नीशियम म्यूर (Magnesium mur)
मुंह से बदबू, कांख (बगल) से बदबू और शरीर से निकलने वाले स्राव (डिस्चार्ज) से बदबू आना। - मरक्यूरियस सोल (Mercurius sol)
शरीर से बदबू आना, खराब गंध वाला स्राव (डिस्चार्ज) होना। पेशाब से घोड़े के पेशाब जैसी गंध आना। - नाइट्रिक एसिडम (Nitric acidum)
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: खाना खाने के बाद मुंह से बदबू आना। फिनाइल, पेट्रोल आदि जैसी तेज गंध बर्दाश्त न कर पाना। - नक्स वोमिका (Nux vomica)
: पसीने से लहसुन जैसी गंध आना। तेज गंध के कारण खांसी आना। - फॉस्फोरस (Phosphorus)
नाक में प्याज, धुएं आदि जैसी गंध महसूस होना। (सही दवा चुनने के लिए अन्य लक्षणों पर भी ध्यान दें।) - फॉस्फोरस (Phosphorus), कोरेलियम रूब्रम (Corallium rubrum)
इस दवा की एक बहुत ही दुर्लभ और खास विशेषता यह है कि मरीज के शरीर से निकलने वाले स्राव (डिस्चार्ज) से बहुत तेज बदबू आती है। यह बदबू पूरे घर में फैल सकती है। किसी भी बीमारी में, मरीज को बीमारी का दौरा पड़ने से ठीक पहले असामान्य रूप से अच्छा महसूस होता है। - सोरिनम
सांस से बहुत दुर्गंध आना। मुंह का स्वाद बहुत खराब होना। पूरे शरीर, सांस, पसीने और सभी स्रावों से सड़ी हुई गंध आना। - पाइरोजेनियम 200, एक सप्ताह बाद पुनः उपयोग करें
: सभी गंधों के प्रति संवेदनशील। - सबाडिला
: त्वचा से सड़ी हुई मछली जैसी गंध आना। - सैनिकुला एक्वा
: पैरों से दुर्गंधयुक्त पसीना आना। - सिलिका
: पके हुए भोजन की गंध से उल्टी आना। - स्टैनम मेट.
: गंध के प्रति अति संवेदनशील। सभी स्राव दुर्गंधयुक्त होते हैं। - सल्फर,
: साफ-सफाई और स्नान के बावजूद शरीर से दुर्गंध आना। - सल्फर, सोरिनम
: शरीर से लहसुन जैसी दुर्गंध आना। - टेल्यूरियम मेट
: एलर्जी के कारण सर्दी होने पर सूंघने की क्षमता का कम हो जाना। - थूजा ऑक
: शरीर से दुर्गंध आना, सड़े हुए अंडे जैसी गंध आना। - विस्बाडेन