किडनी में सूजन या नेफ्राइटिस,
किडनी में सूजन या नेफ्राइटिस,
बच्चों में पेट फूलने के साथ एक्यूट नेफ्राइटिस। अचानक ठंड या गीलेपन के कारण होने वाली समस्याओं में बहुत उपयोगी। - एकोनाइटम नैप (Aconitum nap)
चेहरे, पैरों और पंजों में सूजन। त्वचा पीली पड़ना। पेशाब कम आना। सिर, पीठ और पैरों में दर्द; किडनी वाले हिस्से में दर्द। पेशाब में खून और एल्ब्यूमिन आना। - एपिस मेल (Apis Mel)
पेशाब का रंग गहरा होता है और उसमें बहुत सारे कास्ट्स (casts) और एल्ब्यूमिन होते हैं। मरीज़ की त्वचा पीली होती है। वह बेचैन रहता है। थोड़ी-थोड़ी देर में थोड़ा-थोड़ा पानी पीता है और गर्मी पसंद करता है। चेहरा सूजा हुआ होता है। दौरे पड़ना और मौत का डर। पानी जैसा दस्त। यह बीमारी के सभी चरणों में काम आती है। - आर्सेनिकम एल्बम (Arsenicum album)
: पेशाब से तेज़ गंध आना और रंग गहरा होना। किडनी में तेज़ दर्द। - बेंज़ोइकम एसिडम (Benzoicum acidum)
धीरे-धीरे डिहाइड्रेशन और कमज़ोरी। पेशाब में मवाद (pus) आना और जलन पैदा करना। एनीमिया - कैल्केरिया सल्फ (Calcarea sulph.)
: ग्लोमेरुलर नेफ्राइटिस। इसका इस्तेमाल कैपिलरी चैनलों में पोषक तरल पदार्थ के बहाव को आसान बनाता है। यह नेफ्राइटिस के कारण होने वाले हाई ब्लड शुगर (शुगर) में भी असरदार है। - कैंथरिडिनम 6 (Cantharidinum 6)
: कॉर्टिकल नेफ्राइटिस यानी किडनी की बाहरी परत में सूजन, साथ में एल्ब्यूमिनुरिया (पेशाब में एल्ब्यूमिन का निकलना)। पेट में तेज़ दर्द हो सकता है। - फुक्सिनम 6 (Fuchsinum 6)
: शरीर से पेशाब निकलना। दौरे पड़ना। पुतलियों के फैलने के साथ बेहोशी। - हेलेबोरस (Helleborus)
: हीमोग्लोबिनुरिया और स्टोमैटाइटिस (मुंह में सूजन) के साथ नेफ्राइटिस। पेशाब गहरा और कम मात्रा में; इसमें एल्ब्यूमिन, फॉस्फेट और पित्त (bile) होता है। क्रोनिक नेफ्राइटिस। - कालियम क्लोर. 6c (Kalium chlor. 6c)
: गर्भवती महिलाओं में नेफ्राइटिस। पैरों में सूजन। पेशाब कम आना और उसमें बहुत सारे कास्ट्स और एल्ब्यूमिन होना। इसमें लाल रेत जैसे कण हो सकते हैं। - मर्क्यूरियस कोर. (Mercurius cor.)
: एपिथेलियम के फैटी हिस्से के साथ खूनी पेशाब। कमज़ोरी - पिकरिकम एसिडम (Picricum acidum) (दिन में तीन बार)
बच्चों में पेट फूलने के साथ एक्यूट नेफ्राइटिस। अचानक ठंड या गीलेपन के कारण होने वाली समस्याओं में बहुत उपयोगी। - एकोनाइटम नैप (Aconitum nap)
चेहरे, पैरों और पंजों में सूजन। त्वचा पीली पड़ना। पेशाब कम आना। सिर, पीठ और पैरों में दर्द; किडनी वाले हिस्से में दर्द। पेशाब में खून और एल्ब्यूमिन आना। - एपिस मेल (Apis Mel)
पेशाब का रंग गहरा होता है और उसमें बहुत सारे कास्ट्स (casts) और एल्ब्यूमिन होते हैं। मरीज़ की त्वचा पीली होती है। वह बेचैन रहता है। थोड़ी-थोड़ी देर में थोड़ा-थोड़ा पानी पीता है और गर्मी पसंद करता है। चेहरा सूजा हुआ होता है। दौरे पड़ना और मौत का डर। पानी जैसा दस्त। यह बीमारी के सभी चरणों में काम आती है। - आर्सेनिकम एल्बम (Arsenicum album)
: पेशाब से तेज़ गंध आना और रंग गहरा होना। किडनी में तेज़ दर्द। - बेंज़ोइकम एसिडम (Benzoicum acidum)
धीरे-धीरे डिहाइड्रेशन और कमज़ोरी। पेशाब में मवाद (pus) आना और जलन पैदा करना। एनीमिया - कैल्केरिया सल्फ (Calcarea sulph.)
: ग्लोमेरुलर नेफ्राइटिस। इसका इस्तेमाल कैपिलरी चैनलों में पोषक तरल पदार्थ के बहाव को आसान बनाता है। यह नेफ्राइटिस के कारण होने वाले हाई ब्लड शुगर (शुगर) में भी असरदार है। - कैंथरिडिनम 6 (Cantharidinum 6)
: कॉर्टिकल नेफ्राइटिस यानी किडनी की बाहरी परत में सूजन, साथ में एल्ब्यूमिनुरिया (पेशाब में एल्ब्यूमिन का निकलना)। पेट में तेज़ दर्द हो सकता है। - फुक्सिनम 6 (Fuchsinum 6)
: शरीर से पेशाब निकलना। दौरे पड़ना। पुतलियों के फैलने के साथ बेहोशी। - हेलेबोरस (Helleborus)
: हीमोग्लोबिनुरिया और स्टोमैटाइटिस (मुंह में सूजन) के साथ नेफ्राइटिस। पेशाब गहरा और कम मात्रा में; इसमें एल्ब्यूमिन, फॉस्फेट और पित्त (bile) होता है। क्रोनिक नेफ्राइटिस। - कालियम क्लोर. 6c (Kalium chlor. 6c)
: गर्भवती महिलाओं में नेफ्राइटिस। पैरों में सूजन। पेशाब कम आना और उसमें बहुत सारे कास्ट्स और एल्ब्यूमिन होना। इसमें लाल रेत जैसे कण हो सकते हैं। - मर्क्यूरियस कोर. (Mercurius cor.)
: एपिथेलियम के फैटी हिस्से के साथ खूनी पेशाब। कमज़ोरी - पिकरिकम एसिडम (Picricum acidum) (दिन में तीन बार)