नाखूनों की बीमारियाँ और उनमें विकृति
नाखूनों की बीमारियाँ और उनमें विकृति
: नाखून कमज़ोर होते हैं और आसानी से टूट जाते हैं, लेकिन तेज़ी से बढ़ते हैं। - एसिडम फ्लोर (Acidum flour.)
: नाखून ऊबड़-खाबड़ और दाग़दार होते हैं। - कैल्केरिया कार्ब (Calcarea carb.)
: हाथों और पैरों के नाखून मोटे और गाय के सींग जैसे टेढ़े-मेढ़े हो जाते हैं; नाखून काले और ऊबड़-खाबड़ हो सकते हैं। - ग्रेफाइट्स (Graphites)
: नाखून टेढ़े-मेढ़े और कमज़ोर होते हैं और आसानी से टूट जाते हैं; नाखून नरम भी हो सकते हैं। - थूजा ऑक (Thuja occ.)
: नाखूनों का विकास रुकना या ठीक से न होना; नाखून का फटना। - एंटीमोनियम क्रूड (Antimonium crud)
पीले नाखून - अमोनियम कार्ब (Ammonium carb.)
: उंगलियों के जोड़ों में सूजन और नाखूनों के नीचे नसों में दर्द (न्यूराल्जिया)। - (Berberis vulg.)
: बिना किसी कारण के नाखूनों का गिरना। - हेलेबोरस (Helleborus)
: नाखून में दर्द या दर्द जैसा महसूस होना। - हाइपरिकम (Hypericum)
: नाखूनों के आसपास की त्वचा का सूखा और फटा हुआ होना। - नैट्रम मूर 200 (Natrum Mur. 200)
: तंग या छोटे जूते पहनने के कारण नाखूनों और पैरों की उंगलियों में सूजन। - नाइट्रिक एसिड (Nitric acid)
: नाखूनों के नीचे जलन और काटने जैसा दर्द महसूस होना। - सरसापरिला (Sarsaparilla)
: फंगल इन्फेक्शन के कारण नाखून के नीचे दर्द। - सेपिया (Sepia)
: नाखूनों पर सफ़ेद दाग; नाखून का अंदर की ओर बढ़ना (ingrowing nails); हाथों का पीला पड़ना और नाखूनों का नीला पड़ना। - सिलिसिया (Silicea)
: नाखूनों का फटना। - (Stannum met.)
: नाखून कमज़ोर होना; पैरों के नाखूनों का मांस में धंसना। - (Thuja occ.)
: नरम नाखून; नाखून बहुत तेज़ी से बढ़ते हैं (यह दवा नाखूनों के बहुत तेज़ी से बढ़ने की प्रवृत्ति को ठीक करती है)। - विस्बाडेन (Wiesbaden)
नोट- नाखूनों का मोटा होना, कमज़ोर होना और रंग बदलना मुख्य रूप से फंगल इन्फेक्शन के कारण होता है।
: नाखून कमज़ोर होते हैं और आसानी से टूट जाते हैं, लेकिन तेज़ी से बढ़ते हैं। - एसिडम फ्लोर (Acidum flour.)
: नाखून ऊबड़-खाबड़ और दाग़दार होते हैं। - कैल्केरिया कार्ब (Calcarea carb.)
: हाथों और पैरों के नाखून मोटे और गाय के सींग जैसे टेढ़े-मेढ़े हो जाते हैं; नाखून काले और ऊबड़-खाबड़ हो सकते हैं। - ग्रेफाइट्स (Graphites)
: नाखून टेढ़े-मेढ़े और कमज़ोर होते हैं और आसानी से टूट जाते हैं; नाखून नरम भी हो सकते हैं। - थूजा ऑक (Thuja occ.)
: नाखूनों का विकास रुकना या ठीक से न होना; नाखून का फटना। - एंटीमोनियम क्रूड (Antimonium crud)
पीले नाखून - अमोनियम कार्ब (Ammonium carb.)
: उंगलियों के जोड़ों में सूजन और नाखूनों के नीचे नसों में दर्द (न्यूराल्जिया)। - (Berberis vulg.)
: बिना किसी कारण के नाखूनों का गिरना। - हेलेबोरस (Helleborus)
: नाखून में दर्द या दर्द जैसा महसूस होना। - हाइपरिकम (Hypericum)
: नाखूनों के आसपास की त्वचा का सूखा और फटा हुआ होना। - नैट्रम मूर 200 (Natrum Mur. 200)
: तंग या छोटे जूते पहनने के कारण नाखूनों और पैरों की उंगलियों में सूजन। - नाइट्रिक एसिड (Nitric acid)
: नाखूनों के नीचे जलन और काटने जैसा दर्द महसूस होना। - सरसापरिला (Sarsaparilla)
: फंगल इन्फेक्शन के कारण नाखून के नीचे दर्द। - सेपिया (Sepia)
: नाखूनों पर सफ़ेद दाग; नाखून का अंदर की ओर बढ़ना (ingrowing nails); हाथों का पीला पड़ना और नाखूनों का नीला पड़ना। - सिलिसिया (Silicea)
: नाखूनों का फटना। - (Stannum met.)
: नाखून कमज़ोर होना; पैरों के नाखूनों का मांस में धंसना। - (Thuja occ.)
: नरम नाखून; नाखून बहुत तेज़ी से बढ़ते हैं (यह दवा नाखूनों के बहुत तेज़ी से बढ़ने की प्रवृत्ति को ठीक करती है)। - विस्बाडेन (Wiesbaden)
नोट- नाखूनों का मोटा होना, कमज़ोर होना और रंग बदलना मुख्य रूप से फंगल इन्फेक्शन के कारण होता है।