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लिम्फैटिक बीमारी

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लिम्फैटिक बीमारी
लिम्फैटिक बीमारी
लिम्फैटिक बीमारी

लिम्फ ग्रंथियों में सूजन और जलन। - एथुसा साइन. (Aethusa cyn.)

इसके इस्तेमाल से इम्यूनिटी बढ़ती है। - एलियम सैटिवम (Allium sativum)

ग्रंथियों में सूजन। गले में खराश और गहरा लाल रंग। मैलिग्नेंट लिम्फोमा (कैंसर वाला लिम्फोमा)। थकान और सुस्ती महसूस होना। - अमोनियम कार्ब. (Ammonium carb.)

महिलाओं में लिम्फोमा, जिसमें गर्दन के पिछले हिस्से और सिर की त्वचा में तेज दर्द और तेज बुखार होता है। - एपिस मेल. (Apis mel.)

गर्दन में लिम्फोमा और तेज बुखार; इसमें छलनी जैसे छेद वाले घाव हो सकते हैं। - आर्सेनिक एल्बम (Arsenic album)

सेप्टिक या टॉक्सिक कारणों से लिम्फ वाहिकाओं में सूजन (लिम्फैंगाइटिस)। - बुफो राना (Bufo rana)

यह टिश्यू रेमेडी बढ़ी हुई और सख्त लिम्फ वाहिकाओं के इलाज में असरदार साबित हुई है। - कैल्केरिया फ्लोर. (Calcarea fluor.)

लिम्फैटिक सिस्टम और लिम्फ नोड्स में मांसल, नॉन-कैंसरस उभार या ट्यूमर। - कैनबिस सैट., यूकेलिप्टस (Cannabis sat., Eucalyptus)

लिम्फैटिक सूजन। यह सूजन के दर्द से राहत देती है और इम्यून सिस्टम को एक्टिव करती है। खुराक: जरूरत के अनुसार दिन में तीन बार 5 बूंदें। - इचिनेसिया Q (आधे कप पानी में 5 बूंदें)

हॉजकिन रोग (Hodgkin's disease) या स्यूडो-ल्यूकेमिया के इलाज में असरदार। - फेरम पिक. (Ferrum pic.)

इसके इस्तेमाल से इम्यूनिटी और याददाश्त बेहतर होती है। - जिनसेंग Q (आधे कप पानी में 5-10 बूंदें)

लिम्फैटिक सिस्टम के नॉन-कैंसरस (बिना कैंसर वाले) ट्यूमर। असर करने में थोड़ा समय लगता है। - हेक्ला लावा 3x (Hekla lava 3x)

प्लीहा (spleen) और लिवर में मैलिग्नेंट लिम्फैटिक सूजन। पुराने संक्रमणों के लिए असरदार—जिनमें आवाज बैठना, सांस लेते समय आवाज आना और जोर से खर्राटे लेना शामिल है। - हिप्पोज़ेनिनम (Hippozaeninum)

बढ़े हुए लिम्फ नोड्स। यह हानिकारक और हमलावर बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए व्हाइट ब्लड सेल्स को एक्टिव करके शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। - आयोडीन (Iodine)

यह पूरे लिम्फैटिक सिस्टम और हड्डियों—सभी झिल्लियों, ग्रंथियों और अंदरूनी अंगों पर असर करता है। - मर्क्यूरियस सोल. 2x (Mercurius sol. 2x)

कोलन (बड़ी आंत) के पास लिम्फोमा और पेट में मरोड़ वाला दर्द। पेट के आसपास टाइट कपड़े बर्दाश्त नहीं होते। लिम्फोमा वाली जगह पर चोट जैसा या धड़कन वाला दर्द और मल-मूत्र त्यागने की जल्दी महसूस होना। - नैट्रम सल्फ. (Natrum sulph.)
यह हॉजकिन रोग और प्रोस्टेट बढ़ने के इलाज में एक असरदार दवा है। यह ब्रेस्ट ट्यूमर के इलाज में भी बहुत असरदार दवा है; इसके इस्तेमाल से ट्यूमर गायब हो जाता है। - Scrophularia nodosa Q (5-10 बूंदें, आधे कप पानी में)।

: डॉ. मैनुएला गागो-डोमिंग्वेज़ की अगुवाई में शोधकर्ताओं के एक समूह ने दिखाया है कि काले बालों की डाई का लंबे समय तक इस्तेमाल करने से ल्यूकेमिया और नॉन-हॉजकिन लिंफोमा हो सकता है। इस स्टडी के नतीजे 2001 में 'द इंटरनेशनल जर्नल ऑफ़ कैंसर' में छपे थे। यह दवा बालों की डाई के नुकसानदायक असर को दूर करने और इस बीमारी के इलाज में मददगार हो सकती है। - Tuberculinum 1000.

यह इम्यून सिस्टम की कमी या यूरिनरी ट्रैक्ट (मूत्र मार्ग) की कमज़ोरी के लिए बहुत अच्छी है। यह पेशाब लीक होने या खांसने या छींकने पर अनजाने में पेशाब निकल जाने की समस्या में फ़ायदेमंद है। यह खून से कुछ ज़हरीले पदार्थों (टॉक्सिन्स) को हटाने में मदद करती है। - Viburnum op. Q (5 बूंदें, आधे कप पानी में)।
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