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पेचिश (Dysentery)

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पेचिश (Dysentery)
पेचिश (Dysentery)
पेचिश (Dysentery)
यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें बार-बार पतले दस्त होते हैं—जिनमें खून और म्यूकस (आंव) मिला होता है—और साथ ही पेट में दर्द, टेनेस्मस (मल त्यागने की बार-बार इच्छा), बुखार और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) भी होता है।
इस बीमारी के आम लक्षणों में पेचिश और दस्त, शारीरिक कमजोरी और बहुत ज्यादा थकान शामिल हैं। इसके साथ जी मिचलाना, उल्टी और दर्द भी हो सकता है। पुराने या गंभीर मामलों में कोलन (बड़ी आंत) में घाव हो सकते हैं। मल की माइक्रोस्कोपिक जांच से एक-कोशिका वाले प्रोटोजोआ—जैसे *Entamoeba histolytica* या *Giardia lamblia*—की मौजूदगी का पता चलता है।
: मल के साथ बहुत सारा म्यूकस या आंव निकलता है। मल त्यागने के बाद गुदा में बहुत गैस बनती है और दर्द होता है। — *Aloe soc.*
: अमीबिक या बैसिलरी, दोनों तरह की पेचिश में फायदेमंद। नाभि के आसपास तेज दर्द महसूस होता है। मल त्यागते समय सिर्फ खून निकलता है; लेकिन अगर खून के साथ म्यूकस या आंव भी हो, तो *Atista indica* का इस्तेमाल करना चाहिए। — *Atista rad. 3x*
: कुछ डॉक्टर इस बीमारी के लिए इसके इस्तेमाल की सलाह देते हैं। - Calcarea iod. 3x

: यह इस बीमारी के लिए एक खास दवा है। दिन में चार बार बूंदों के रूप में लें। - Emetinum 1x

: पेट में लगातार काटने जैसा दर्द और असहनीय, लगभग बेकार की मल त्यागने की इच्छा और टेनेस्मस; दिन-रात सिर्फ थोड़ी मात्रा में खून मिला म्यूकस निकलता है। - Mercurius cor.

: अगर कोलन में अल्सर (घाव) हो, तो हर दो हफ़्ते में एक डोज़ दें। - Symphytum off

: यह इस बीमारी के लिए एक बेहतरीन दवा है और इलाज इसी से शुरू करना चाहिए। अगले 24 घंटों के भीतर कोई दूसरी दवा नहीं दी जानी चाहिए। - Thuja occ. Q

: मल में बहुत सारा म्यूकस होता है या मल जेली जैसा होता है। मल त्यागने के बाद गुदा में जलन और दर्द होता है। बहुत ज्यादा गैस बनना और जलन महसूस होना। असंयम (मल पर नियंत्रण न रहना); मरीज को मल त्यागने से डर लगता है क्योंकि उसे पक्का नहीं पता होता कि मल निकलेगा या नहीं। गुदा से खून आना। - Aloe soc.

: मल पूरी तरह से म्यूकस वाला होता है। - Antimonium crud.

: बुजुर्गों में पेचिश। टाइफाइड बुखार के दौरान पेचिश। - Baptisia

: थोड़ा सा खाने या पीने के बाद पेचिश का प्रकोप होता है। -
कोलोसिन्थिस (Colocynthis):
: यह कैंप या शेल्टर में रहने के दौरान होने वाले पेचिश (dysentery) को जादुई रूप से ठीक करती है। - सेप्टिकिमिनम (Septicaeminum)

: यह अमीबिक पेचिश के लिए एक बेहतरीन दवा है। - थूजा ऑक. 200 (Thuja occ. 200)

: खाने-पीने से पेचिश की समस्या बढ़ जाती है। मल त्याग केवल खाने के बाद ही होता है। मल त्यागने से पहले और बाद में तेज दर्द होता है। गुदा में जलन होती है। -
ट्रॉम्बिडियम (Trombidium)
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