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गोनोरिया- Gonorrhea

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गोनोरिया- Gonorrhea
गोनोरिया- Gonorrhea
गोनोरिया- Gonorrhea

: बार-बार गोनोरिया होने का इतिहास। इस बीमारी से जुड़े आत्महत्या के विचार। - एग्नस कास्टस (Agnus castus)
मूत्रमार्ग (urethra) में जलन। बार-बार पेशाब करने की इच्छा। पेशाब करने के बाद भी कुछ बूंदें अंदर रह जाने का एहसास। - अर्जेंटम नाइट्रिकम (Argentum nit.)

जलन के साथ दबाव महसूस होना। दर्द के साथ पेशाब का टपकना। पेशाब रुक जाना। बदबूदार पेशाब। हरे-पीले रंग का, धुंधला और तेज़ गंध वाला स्राव (discharge) या मवाद। अंडकोष में सूजन। महिलाओं में, योनि के बाहरी हिस्से (vulva) में तेज़ खुजली और खून मिला हुआ स्राव। – कोपाइवा ऑफिसिनैलिस (Copaiva officinalis)
बहुत ज़्यादा बदबूदार स्राव। महिलाओं में गोनोरिया, साथ ही योनि और जननांगों में खुजली। – क्रियोसोटम (Kreosotum)

: यह बीमारी के किसी भी चरण में उपयोगी हो सकती है। पेशाब की धार पतली और कमज़ोर होती है, जिससे पेशाब करने में ज़्यादा समय लगता है। पुरुषों और महिलाओं दोनों में स्राव पीले-हरे रंग का होता है। - मर्क्यूरियस कोर. (Mercurius cor.)
लिंग की ऊपरी त्वचा (foreskin/prepuce) में सूजन। लिंग के अगले हिस्से (glans) और पूरे लिंग में खुजली। पीले-हरे रंग का स्राव। - नैट्रम सल्फ. (Natrum sulp.)
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